हमारी प्रीमियम कुमतिया राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र की एक बेहद खास और पारंपरिक सामग्री है। यह थार मरुस्थल में पाए जाने वाले ‘कुमठ’ के पेड़ के बीज होते हैं, जिन्हें पूरी सावधानी से चुनकर और साफ करके तैयार किया जाता है। मारवाड़ी रसोई की शान कहे जाने वाले प्रसिद्ध ‘पंचकुट्टा’ (कैर सांगरी मिक्स) की सब्जी को पूरा करने के लिए कुमतिया एक सबसे जरूरी हिस्सा है।
मारवाड़ का पारंपरिक स्वाद:
कढ़ी और कुमतिया की जुगलबंदी: राजस्थान के घरों में कुमतिया की सब्जी और कढ़ी का मेल बेहद लोकप्रिय है। जब इसे गरमा-गरम बाजरे की रोटी के साथ परोसा जाता है, तो इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है और यह हर भोजन को खास बना देता है।
हमारा कुमतिया ही क्यों चुनें?
100% प्राकृतिक और शुद्ध: इन्हें बिना किसी मिलावट या कृत्रिम प्रिजर्वेटिव के प्राकृतिक रूप से तैयार किया गया है, ताकि इनका असली देसी स्वाद और कड़कपन (crunch) बना रहे।
असली राजस्थानी गुणवत्ता: यह ‘गिलराज़ शिवम स्पाइसेज’ (Gilra’s Shivam Spices) की प्रामाणिक रेंज का हिस्सा है, जो राजस्थान की पारंपरिक खान-पान संस्कृति को आपके घर तक पहुंचाता है।
सेहत के लिए फायदेमंद: कुमतिया प्रोटीन और आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो इसे स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी बढ़िया बनाता है।
इस्तेमाल करने का तरीका:
सब्जी की तैयारी: इसका उपयोग पारंपरिक कढ़ी-कुमतिया की सब्जी या कैर, सांगरी, गूंदा और काचरी के साथ मिलाकर पंचकुट्टा बनाने में किया जाता है।
भिगोना: पकाने से पहले इसे 6 से 8 घंटे या रात भर के लिए पानी में भिगोकर रखें, और फिर अच्छी तरह धोकर उबाल लें।
